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292 दिन बाद धनबाद से 933 यात्रियाें काे लेकर एलेप्पी एक्सप्रेस रवाना, अधिकतर को वेल्लोर में कराना है इलाज [Source: Dainik Bhaskar]



इलाज कराने वेल्लोर जाने वाले मरीजाें का 292 दिन बाद इंतजार खत्म हुआ। धनबाद से अलपुज्जा के बीच चलने वाली एलेप्पी एक्सप्रेस बदले हुए समय पर शुक्रवार को प्लेटफार्म संख्या सात से 933 यात्रियाें काे लेकर रवाना हुई। काेविड के कारण यह ट्रेन 24 मार्च से बंद थी। धनबाद रेल मंडल की ओर से रेलवे बाेर्ड काे प्रस्ताव भी भेजा गया था। एलेप्पी काे धनबाद से पूरी ट्रेन 22 काेच के साथ चलाने की लंबी समय से मांग हो रही थी। अंतत: लाेगाें की मांग पूरी हुई। पहले आधी ट्रेन धनबाद से चलती थी। शुक्रवार से पूरी ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हाे गया।

यात्रियाें का कुशलक्षेम जानने एडीआरएम आशीष कुमार प्लेटफॉर्म पहुंचे और यात्रियाें से मुलाकात की। धनबाद से ट्रेन पर सवार हाेने के लिए जिले के विभिन्न इलाकों के अलावा आसनसाेल, गिरीडीह, जामताड़ा समेत अन्य स्थानाें से लाेग पहुंचे हुए थे। ट्रेन के सभी श्रेणी के काेच की सभी सीटें फूल थीं। वेटिंग टिकट रहने के कारण कारण कई यात्री ट्रेन में जाने से वंचित रह गए। इस ट्रेन में अगले एक सप्ताह तक लंबी वेटिंग है। एलेप्पी से शुक्रवार को धनबाद से 933, कतरास से 38, चंद्रपुरा से 33, बाेकाराे से 25 और रांची से 516 यात्री सवार हुए।

आसनसाेल की कुमुद काे व्हीलचेयर से लाया गया

आसनसाेल की 65 साल की कुमुद झा चलने में असमर्थ हैं। आसनसाेल में कई चिकित्सकाें से इलाज कराया, लेकिन ठीक नहीं हाे पाई। लंबे समय से वेल्लाेर जाकर ट्रीटमेंट कराना चाहती थीं। एलेप्पी शुरू होते ही वह टिकट लेकर बेटे के साथ वेल्लोर रवाना हुईं।

आखिरकार खत्म हुई वेल्लोर में इलाज कराने की प्रतीक्षा

बेकारबांध अंबिकापुरम के पुरुषाेत्तम प्रेमी की पत्नी विनय देवी हृदयराेगी हैं। धनबाद में कई डॉक्टरों से इलाज कराया, लेकिन काेई लाभ नहीं हुआ। ट्रेन नहीं चलने से दंपती वेल्लाेर नहीं जा पा रहा था एलेप्पी के चलने की सूचना मिलने पर पुरुषोत्तम किसी तरह टिकट लेने में कामयाब रहे। पुरुषाेत्तम जीएन कालेज से लाइब्रेरियन के पद से सेवानिवृत हुए हैं।

बोधगया से पहुंच एलेप्पी से वेल्लाेर गई महिला मरीज

बोधगया के रहने वाले शत्रुघ्न सिंह पत्नी का इलाज कराने के लिए वेल्लाेर जाना चाहते थे। उन्हाेंने गया के अलावा पटना से ट्रेन का टिकट लेने का प्रयास किया, लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली। उन्हाेंने एलेप्पी के टिकट का प्रयास किया, परंतु चार में मात्र दाे बर्थ कन्फर्म हाे सका। शत्रुघ् पत्नी समेत गंगा दामाेदर एक्सप्रेस से सुबह धनबाद पहुंचे और एलेप्पी से वेल्लाेर के लिए रवाना हुए।

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After 292 days, 933 passengers from Dhanbad take Alleppey Express, most are to be treated in Vellore

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