Press "Enter" to skip to content

हुवावे और ZTE के इक्विपमेंट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, चीन इनका इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है




अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशन्स कमीशन (एफसीसी) ने चीनी कंपनी हुवावे और ZTE कॉर्पोरेशन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। एफसीसी ने बताया है कि यह कदमइन चीनी कंपनियों को अमेरिकी बाजार से बाहर करने के लिए उठाया गया है। कई छोटीकंपनियां सरकार से सब्सिडी लेकर इन कंपनियों सेसस्ते नेटवर्कइक्विपमेंट खरीदती थीं लेकिन अब वे ऐसा नहीं कर पाएंगी। एफसीसी का कहना है कि हुवावे और जेडटीई दोनों ही कंपनियों के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सैन्य हथियार समूह के साथ घनिष्ठ संबंध है।

हुवावे के इक्विपमेंट को जासूसी के लिए इस्तेमाल कर सकता है चीन

  • एफसीसी के अध्यक्ष अजीत पाई ने ट्विटर पर कहा- अमेरिकी सरकार और यह विशेष रूप से एफसीसी, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को अमेरिका के कम्युनिकेशन नेटवर्क की कमजोरियों का फायदा उठाने की अनुमति नहीं दे सकती है।
  • उन्होंने ट्विटर पर एक लेटर भी शेयर किया जिसमें सबूतों के आधार पर ब्यूरो ने हुवावे और ZTE को अमेरिका के कम्युनिकेशन नेटवर्क और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि एफसीसी के 8.3 बिलियन डॉलर का सालाना यूनिवर्सल सर्विस फंड का इस्तेमाल इन सप्लायर्स से इक्विपमेंट या सर्विस खरीदने के लिए नहीं किया जा सकता है। ये फंड सब्सिडी का एक कलेक्शन है जिसके जरिए अमेरिकी सरकार टेलीकॉम सर्विस तक पहुंच को बढ़ावा देती है। अमेरिका का कहना है कि हुवावे के इक्विपमेंट को चीन जासूसी करने के लिए इस्तेमाल कर सकता है।

तीन चीनी टेलीकॉम कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगा सकती है एफसीसी

  • वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव बढ़ने के साथ एफसीसी ने कोरोनोवायरस और सुरक्षा मुद्दों पर चीनी कंपनियों की तेजी से छानबीन की है। एजेंसी तीन चीनी टेलीफोन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। पिछले साल अमेरिकी बाजार में एंट्री को लेकर चीन मोबाइल लिमिटेड पर प्रतिबंधित लगाया था।

इक्विपमेंट्स बदलने का औसत खर्च $ 45 मिलियन तक आएगा

  • एफसीसी ने बताया कि लगभग तीन दर्जन या चार दर्जन ग्रामीण कंपनियां सरकार से सब्सिडी लेतीहैं और हुवावे या ZTE केइक्विपमेंट इस्तेमाल करतीहैं। उन्होंने कहा कि इक्विपमेंट्स को बदलने के लिए एक फर्म की औसत लागत $ 40 मिलियन से $ 45 मिलियन तक हो सकती है।

एफसीसी ने रिप्लेसमेंट प्रोग्राम के लिए $ 2 बिलियन का खर्च बताया

  • एफसीसी के आयुक्त जेफ्री स्टार्क्स ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि “अविश्वसनीय इक्विपमेंट” कई जगह पर लगे हैं और एफसीसी को रिप्लेसमेंट प्रोग्राम चलाने के लिए कहा गया है।
  • पाई ने 24 जून को कांग्रेस को पूर्ण पैमाने पर रिप-एंड-रिप्लेस प्रोग्राम के रूप में $ 2 बिलियन का खर्च बताया। एफसीसी ने कहा हम धन की आवश्यकता है, ताकि हम इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए तेजी से काम कर सकें।
 <br><br>
        <a href="https://f87kg.app.goo.gl/V27t">Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today</a>
    <section class="type:slideshow">
                    <figure>
            <a href="https://www.bhaskar.com/business/news/huawei-and-zte-equipment-threat-to-national-security-china-can-use-them-for-espionage-anytime-127466158.html">
                <img border="0" hspace="10" align="left" src="https://i10.dainikbhaskar.com/thumbnails/891x770/web2images/www.bhaskar.com/2020/07/01/111_1593585266.jpg">
            <figcaption>एफसीसी का कहना है कि हुवावे और जेडटीई दोनों ही कंपनियों के चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और चीनी सैन्य हथियार समूह के साथ घनिष्ठ संबंध है</figcaption>
            </a> 
        </figure>
                </section>
More from ScienceMore posts in Science »

Be First to Comment

Thanks to being a part of My Daiky bihar news .

%d bloggers like this: