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शुरुआत और समापन साेमवार काे हाेने से सावन शुभ




इस बार सावन पर अच्छा याेग है, लेकिन काेराेना का असर भी रहेगा। सावन साेमवार से शुरू हाेकर समापन भी साेमवार काे हाेने से ज्याेतिषाें ने इसे शुभ बताया है। काेराेना के चलते सावन में निकलने वाली कावड़ यात्राएं नहीं निकलेगी। 6 जुलाई से 3 अगस्त तक सावन रहेगा। श्रद्धालु केवल स्थानीय मंदिराें में भी भाेले का जलाभिषेक कर सकेंगे। ज्यातिषाचार्य डाॅ. अशाेक शास्त्री ने बताया श्रावण प्रतिपदा काे साेमवार, उत्तराषाढ़ा, नक्षत्र, वैद्धति योग तथा कोलव नामक करण रहेगा। वहीं चंद्रमा मकर राशि में विचरण करेगा। इस वर्ष सावन में ही 36 शुभ योग भी पड़ रहे हैं।

पांचों साेमवार को विशेष योग बनेंगे, जिनमें रुद्राभिषेक करना श्रेष्ठ रहेगा

पहले सोमवार को शिव के साथ लक्ष्मीनारायण की भी पूजा : 6 जुलाई को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, वैधृति योग, कौलव करण, प्रतिपदा तिथि रहेगी। यह अभीष्ट फलदायक वन सोमवार रहेगा। मान्यता है कि इस दिन शिव तत्व की साधना और पूजा-अर्चना मंगलकारी, अनिष्ट विनाशक सिद्ध होगी।

दूसरे सोमवार को रुके हुए कार्य सिद्ध होंगे : दूसरा वन सोमवार 13 जुलाई को होगा। इस दिन अष्टमी तिथि होगी, जिसके स्वामी शिव हैं। सोमवार को शिव तिथि का होना विशेष संयोग कारक है। दूसरे वन सोमवार को रेवती नक्षत्र रहेगा, जिसका स्वामी पूषण नामक सूर्य है। समस्त रुके हुए कार्य जल्दी ही संपन्न होंगे।

तीसरे सोमवार को ऋषि-पितृ-गो पूजन भी : सावन का तीसरा सोमवार 20 जुलाई को रहेगा। अमावस्या तिथि रहेगी जो हरियाली अमावस्या के रूप में मनेगी। इस दिन सोमवती अमावस्या विशेष फलदायी रहेगी। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ऋषि, पितृ और गौ पूजन करना लाभप्रद रहेगा।

चौथे सोमवार को साध्य योग दिलाएगा प्रतिष्ठा : चौथा सोमवार 27 जुलाई को होगा। सुबह 7:10 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि रहेगी। चित्रा नक्षत्र, साध्य योग, वाणिज करण विद्यमान रहेंगे। इस दिन सूर्य और विश्वकर्मा की पूजा विशेष उपयोगी रहेगी। इस पूजा से राजनीतिक उत्थान, उन्नति, यश, मान, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। भूमि-भवन की भी प्राप्ति शीघ्र होगी।

पांचवें सोमवार को खुलेंगे रोग मुक्ति के द्वार : पांचवां और अंतिम सावन सोमवार तीन अगस्त को रहेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, प्रीति तथा आयुष्मान योग रहेगा। इस दिन शिव पूजा के साथ भगवान सत्यनारायण, विश्व देव तथा ब्राह्मणां की पूजा तथा सम्मान देने से स्वास्थ्य की प्राप्ति होगी। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, अन्नदान करना चाहिए।

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