Press "Enter" to skip to content

वैज्ञानिक उपकरणों-रसायनों को बच्चों ने क्या देखा होगा, जब गिरते प्लास्टर के बीच मकड़ी का जाल और धूल से करना था इंटर का प्रैक्टिकल [Source: Dainik Bhaskar]



बिहार के 3123 सेंटरों पर आज से प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू हुई है। जिस लैब से प्रैक्टिकल करके बच्चे कल के वैज्ञानिक बनेंगे, वहां धूल और मकड़ी के जाले पड़े दिख रहे हैं। जर्जर भवन में बच्चों से इंटर का प्रैक्टिकल कराया जा रहा है। यह तस्वीर है भागलपुर के जिला स्कूल का। यहां प्रैक्टिकल के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जर्जर भवन के नीचे बच्चों का प्रैक्टिकल लिया जा रहा है।

भागलपुर के जिला स्कूल की जर्जर छत के नीचे बच्चों का हो रहा प्रैक्टिकल।

बिहार के 3123 सेंटरों पर प्रैक्टिकल परीक्षा कराई जा रही है। पटना में 167 केंद्र बनाए गए हैं। प्रैक्टिकल परीक्षा की मॉनिटरिंग के लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने कंट्रोल रूम भी बनाया है। 9 से 18 जनवरी तक चलने वाली प्रायोगिक परीक्षा के लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है। दावा किया जा रहा है कि कहीं से भी कोई गड़बड़ी नहीं हो पाएगी। परीक्षा में कोरोना महामारी से जनित परिस्थितियों के क्रम में सरकार द्वारा समय -समय पर जारी की गई गाइडलाइन का अनुपालन शिक्षण संस्थानों के स्तर पर सुनिश्चित किए जाने का निर्देश दिया गया है। कोरोना को लेकर विशेष रूप से सतर्कता बरतने को कहा गया है।

इस परीक्षा में दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए लेखक ( writer ) रखने की सुविधा है। यह सुविधा लेने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा में अधिकतम 20 मिनट प्रति घंटा अतिरिक्त समय देने का भी प्रावधान है। दिव्यांग परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए यथासंभव उनके बैठने की व्यवस्था ग्राउण्ड फ्लोर पर की जाएगी।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


भागलपुर के जिला स्कूल स्थित लैब का हाल।

More from बिहार समाचारMore posts in बिहार समाचार »

Be First to Comment

    Thanks to being part of My Daily Bihar News .

    %d bloggers like this: