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लॉ छात्रा के साथ गैंगरेप मामले में 11 दोषियों को आजीवन कारावास [Source: Patrika : India’s Leading Hindi News Portal]

रांची(रवि सिन्हा): ( Jharkhand News ) राजधानी के लॉ की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म ( Gang Rape ) मामले में दोषी करार दिये गये 11 दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की (Life imprisonment of Gang rapists ) सजा सुनाई है। रांची के प्रधान न्यायायुक्त नवनीत कुमार की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में सभी 11 दोषियों को अंतिम सांस तक जेल के सलाखों के पीछे रखने की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी अभियुक्तों पर 50 -50 हजार रुपये का जुर्माना ( 50 thousand penalty for each ) भी लगाया गया है, यह राशि पीडि़ता को दी जाएगी। अदालत ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के अलग-अलग सजा सुनायी है और सभी सजाएं एक साथ चलेगी। जिन दोषियों को उनके अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनायी गयी है, उनमें कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि उरांव शामिल हैं।

12 दरिन्दों ने की थी दरिन्दगी
गौरतलब है कि रांची के कांके थाना क्षेत्र में घटी मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने पूरे देश भर में रांची का सर झुका दिया था जब 26 नवंबर 2019 को लॉ की एक छात्रा की अस्मत को 12 दरिंदो ने तार तार कर दिया था। पीडि़त ने एफआईआर में बताया था कि 26 नवंबर की देर शाम वह संग्रामपुर बस स्टॉप पर अपने मित्र के साथ बैठी थी, तभी वहां बाइक सवार 2 और कार में बैठे 7 युवक पहुंचे। बाइक सवार युवकों ने पहले उसके साथ मारपीट की, फिर जबरन उठाकर बाइक से ले गए। एक नर्सिंग होम के पास उनकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया, तो पीछे से आ रही कार में डालकर एक ईंट-भ_े की ओर ले गए, वहां सभी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बारद छात्रा के दोस्त की स्कूटी से 3 और युवक वहां पहुंचे थे। घटना के दूसरे ही दिन पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

एक नाबालिग भी है आरोपी
लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ गैंग रेप मामले में अदालत में आज सजा के बिन्दुओं पर सुनवाई के दौरान उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक और डीआईजी समेत अन्य वरीय पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी भी अदालत में उपस्थित थे।
इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने 26 फरवरी को सभी 11 आरोपियों को ठहराया दोषी करार दिया था। अदालत ने 12 में से 11 आरोपियों को दोषी करार दिया। एक आरोपी नाबालिग है, नाबालिग आरोपी की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चलेगी। अदालत ने 90 दिनों के अंदर सुनवाई पूरी करते हुए इस मामले में अभियुक्तों को आईपीसी की विभिन्न धाराओं 376 क, आईपीसी 366, आईपीसी 323,120 इ की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत से सभी दोषियों को अधिक से अधिक सजा देने की मांग की गई थी।

स्पीडी ट्रायल से मिली सजा
स्पीडी ट्रायल के तहत प्रधान न्याययुक्त की कोर्ट में भी सुनवाई हुई और 3 महीने से पहले ही कोर्ट ने 26फरवरी को फैसला सुना दिया था। ट्रायल के दौरान पुलिस ने मामले में संजीदगी दिखाते हुए 21 गवाह प्रस्तुत किये, वहीं वैज्ञानिक साक्ष्यों के अलावा सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य भी कोर्ट में प्रस्तुत किये गए।

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