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यूनियन बैंक में पड़ा रह गया असली चेक, क्लोन चेक के जरिए PNB से पैसा चला गया किसी दूसरे के खाते में [Source: Dainik Bhaskar]



अगर आप रुपयों का लेनदेन चेक के जरिए कर रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाएं। आपके चेक पर शातिर अपराधी कड़ी नजर रख रहे हैं। ड्रॉप बॉक्स में चेक छोड़ना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है क्योंकि क्लोन चेक के जरिए फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपए गायब करने के एक के बाद एक कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब नया मामला भी पटना से ही है। इस बार शातिरों ने क्लोन चेक के जरिए एक महिला के बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक के अकाउंट में 5 लाख रुपए RTGS के जरिए ट्रांसफर कर दिया है। फर्जीवाड़े के इस मामले की शिकायत पटना के पीरबहोर थाने में की गई है। इस मामले में बैंक के स्टाफ और जिस अकाउंट में रुपयों को ट्रांसफर किया गया है, उसके खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई गई है।

यूनियन बैंक में जमा किया था चेक
करीब 57 साल की चम्पा देवी पटना के लंगरटोली इलाके में रहती हैं। दरियापुर गोला में इनके बेटे मनोज कुमार की शादी कार्ड की दुकान है। खेतान मार्केट के पास पंजाब नेशनल बैंक के मुरादपुर ब्रांच में चम्पा देवी का अकाउंट है। बेटे मनोज के अनुसार दिल्ली में रहने वाले पिता के दोस्त अरुण कुमार गुप्ता को रुपयों की जरूरत थी। उन्हीं को देने के लिए 21 दिसंबर को 5 लाख का एक चेक यूनियन बैंक के मछुआटोली ब्रांच में जमा किया गया था। टेक्निकल प्रॉब्लम की वजह से वो चेक दो-तीन दिनों तक लगातार यूनियन बैंक में ही पड़ा रह गया। 1 जनवरी को अकाउंट से रुपया कट गया और उसका मैसेज मोबाइल पर आया, पर काम के चक्कर में उसे पढ़ा भी नहीं। बाद में जब पासबुक 2 जनवरी को अपडेट कराने बैंक गए तो पता चला कि 5 लाख रुपया RTGS के जरिए अरुण कुमार गुप्ता की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया गया। यह देख मनोज और उनके परिवार के होश उड़ गए।

मनेर के अकाउंट में ट्रांसफर हुए 5 लाख
मनोज यूनियन बैंक के मछुआ टोली ब्रांच गए। वहां जाने के बाद वे और आश्चर्य में पड़ गए, जब उन्हें उनका चेक दिखाया गया। यूनियन बैंक का दावा है कि 5 लाख का जमा किया गया उनका चेक पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके बाद वो पंजाब नेशनल बैंक के मुरादपुर ब्रांच गए। वहां पर बैंक के लोग अपने दावे पेश करते रहे। वो लगातार कहते रहे कि आपके ऑरिजनल चेक से ही रुपयों का ट्रांसफर किया गया है। मनोज के अनुसार अरुण कुमार गुप्ता को दिए जाने वाले 5 लाख रुपए RTGS के जरिए बैंक ऑफ इंडिया के पटना के मनेर ब्रांच में किसी रणवीर कुमार के अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है, जिसे वो जानते तक नहीं हैं।

बैंक ने नहीं किया कॉल
नियमों के अनुसार एक लाख या इससे अधिक की रकम ट्रांसफर किए जाने पर बैंक को अपने कस्टमर के पास कॉल कर बात करनी पड़ती है, पर मनोज का दावा है कि बैंक की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई कॉल नहीं आया। अब इस मामले में उनकी मां ने पीरबहोर थाना में FIR दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा बगैर बैंक स्टाफ के मिलीभगत से नहीं हो सकता है। ऐसे में बैंक स्टाफ और जिस रणवीर कुमार के अकाउंट में रुपए ट्रांसफर किए गए, उसे FIR में नामजद आरोपी बनाया गया है। अब पीरबहोर थाना की पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। जल्द ही टीम बैंक के कई स्टाफ से पूछताछ करेगी।

चेक पर फर्जी सिग्नेचर कर पौने दो लाख रुपए निकालने पहुंचा शातिर गिरफ्तार
इस बीच, चेक पर फर्जी तरीके से सिग्नेचर कर बैंक से पौने दो लाख रुपए निकालने पहुंचे एक शातिर को पटना के गांधी मैदान थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार शातिर का नाम रंजन कुमार है और वह नालंदा जिले के सिलाव थाना के धरहरा गांव का रहने वाला था। इसने फतुहा के वाटर टैंक फैक्ट्री के मालिक प्रेम कुमार के नाम का फर्जी सिग्नेचर किया था। एग्जीबिशन रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ब्रांच में गुरुवार को वो चेक के जरिए NEFT कर ललिता देवी के अकाउंट में रुपए ट्रांसफर कराने गया था, लेकिन बैंक की जांच में उसकी शातिरगिरी पकड़ी गई। इसके बाद बैंक के चीफ मैनेजर ने गांधी मैदान थाना को जानकारी देने के साथ ही नामजद FIR दर्ज करा दी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

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