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मां-बाप व मासूम भाई के लहूलुहान शवों के पास रात भर बिलखते रहे बच्चे, एक किमी. तक बस्ती नहीं होने से सुबह 11 बजे पता चला




बिलाड़ा के जेतीवास गांव की सरहद में हुए तिहरे हत्याकांड की खबर जिस किसी ने सुनी, सब सहम से गए। सोमवार रात निर्ममता से पति पत्नी व एक बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। जबकि तीन बच्चे बच गए। वे अपने माता-पिता व भाई के लहुलुहान शवों के पास पूरी रात व सुबह 11 बजे तक बिलखते रहे। आसपास एक किमी तक बस्ती नहीं होने से उनके रोने की आवाज किसी ने नहीं सुनी। सुबह भी कोई नहीं आया। आखिर 11 बजे घायल बच्चे ने ही रास्ते चलते एक व्यक्ति को आवाज दी।

उस व्यक्ति ने आगे जाकर गांव वालों को बताया और फिर सूचना पुलिस तक पहुंची। घटनास्थल सुनसान जगह पर है। उस रास्ते से आगे अन्य कृषि फार्म के रास्ते निकलते हैं लेकिन किसी को जानकारी नहीं मिली। बच्चे ने आवाज लगाई कि भाभा देखो किसी ने रात को मेरे पापा, मम्मी व भाई को मार दिया। पुलिस ने मौका मुआयना किया। वहां एक व्यक्ति के पदचिन्ह मिले हैं। हालांकि जांच में पता चलेगा कि कितने लोग शामिल थे।

हत्या के पीछे रंजिश या प्रेम प्रसंग की संभावना ज्यादा लग रही है। लूट के इरादे से हत्या की जाती तो रुपए व गहने भी सुरक्षित नहीं मिलते। मृतक जवरीलाल के पिता दीपाराम ने बिलाड़ा थाने में मामला दर्ज कराया है। जिसमें किसी पर शक या संदेह नहीं जताया। मृतक का परिवार इस क्षेत्र में घूम फिर कर कोयला बनाकर मजदूरी करता था।

बड़ा सवाल? जैसे-तैसे गुजर-बसर करने वाले परिवार के साथ ऐसी दरिंदगी क्यों…3 साल के बच्चे को भी मार डाला

विक्रम

घटना में दो बच्चे घायल हो गए। जिन्हें जोधपुर रेफर किया गया है। जबकि एक बच्ची सुरक्षित रह गई। बताया जा रहा है कि वह नींद में थी तो आरोपी को पता नहीं चला। रात में अंधेरा भी था। परिवार में दंपती व चार बच्चों सहित कुल 6 जने थे। जवरीलाल, उसकी पत्नी तोला, बेटे विक्रम की हत्या कर दी जबकि सात साल की सोनिया व नौ साल का घनश्याम घायल हो गए। जबकि किरणा उम्र 5 साल सुरक्षित रही।

परिजनों के साथ किरण

भीड़ में दब गए पैरों के निशान या एक ही हत्यारा

एसपी ग्रामीण राहुल बारहठ, एडीशनल एसपी एसके पंवार, उपखंड अधिकारी निशु कुमार अग्निहोत्री, पुलिस उपअधीक्षक हेमंत नोगिया, थानाधिकारी मनीष देव, तहसीलदार ताराचंद प्रजापति सहित कई पुलिस जाब्ता मौजूद रहा। एसपी बारहठ ने बताया कि रंजिश की संभावना हो सकती है लेकिन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

घटना में कितने आरोपी शामिल थे, इसका भी पता लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मृतक का मोबाइल पिछले कुछ दिनों से खराब पड़ा है। यह परिवार एक महीने पहले ही यहां आया था। घटनास्थल पर खून लगी लाठी मिली लेकिन हथियार नहीं मिला। साथ ही बाल भी उखड़े हुए मिले। जिससे संभावना जताई जा रही है कि बचने का संघर्ष किया। पग मार्क भी एक जने के मिले लेकिन लोगों की भीड़ हो गई थी, उससे मिटने की भी आशंका है।
बच्चे ने बताया कि रात को व्यक्ति ने हथियार व लाठी से हमला किया

घायल सोनिया व घनश्याम

घटना के बाद तो घायल बच्चे कुछ भी बता पाने में असमर्थ थे। उनके मुंह से कुछ भी नहीं निकल रहा था। घटनास्थल पर बैठे बैठे रो रहे थे। जब घायल बच्चों को ट्रोमा सेंटर लाया गया तो घनश्याम ने बताया कि रात को एक व्यक्ति आया, हाथ में हथियार व लाठी थी। पहले पापा को मारा, फिर मां को। फिर भाई विक्रम को मारा और बाद में मुझे भी मारा। डर के मारे बच्चे ज्यादा कुछ बता भी नहीं पा रहे हैं।

  • 12 साल बाद फिर तिहरा हत्याकांड 2012 में बिलाड़ा क्षेत्र के राठौड़ कृषि फार्म पर तिहरा हत्याकांड हुआ था। जिसमें एक वृद्ध दपंती व पोती की इसी तरह निर्मम हत्या कर दी गई थी। साथ ही घटना में परिवार के दो सदस्य घायल हो गए थे। घटना के कुछ दिन बाद आरोपी पकड़ में आ गए थे।
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            <figcaption>घटनास्थल पर जांच करती पुलिस।</figcaption>
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