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बच्चों को आपात स्थिति में बेहतर सुविधाएं दे रहा स्पेशल न्यूबाेर्न केयर यूनिट, हर साल हजारों नवजात पाते हैं उपचार, शनिवार को 14 बच्चे रहे भर्ती




जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए केंद्र व पंजाब सरकार द्वारा 325 करोड़ रुपए की लागत से सिविल अस्पताल में मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। वहीं, जिला अस्पताल स्थित 12 बेड का स्पेशल न्यूबाेर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) अभिभावकों के लिए आपात स्थिति में बेहतर सुविधामंद साबित हो रहा है। बताते चलें कि हर साल 1000 से लेकर 1200 से ज्यादा बच्चे यहां भर्ती होकर उपचार पाते हैं।

वहीं, यहां बच्चों की मौत की दर सूबे के अन्य अस्पतालों से कम है। यहां एसएनसीयू में हर महीने 80 से लेकर 100 बच्चे भर्ती होते हैं। साल 2019 में यहां करीब 13 बच्चों की मौत हुई थी। अस्पताल के एसएनसीयू में सभी सहूलियतें उपलब्ध हैं, लेकिन, अकसर स्टाफ की कमी के कारण दिक्क्त रहती है। यहां ज्यादातर बच्चे जिलेभर के अस्पतालों से रेफर होकर आते हैं। जनवरी में अब तक यहां किसी बच्चे की कोई मौत नहीं हुई है।

वहीं, शनिवार को एसएनसीयू यूनिट में उपचार के लिए अधिक बच्चे होने के कारण एक बेड पर 2 बच्चे रखने पड़े जबकि शुक्रवार तक 11 बच्चे भर्ती थे। एसएनसीयू में भर्ती एक महीने के बच्चे की कम खून और कम वजन के कारण हालत गंभीर बनी हुई थी, लेकिन अब पहले से सुधार है। इस बारे में डॉ. प्रदीप भाटिया ने बताया कि जिला अस्पताल के एसएनसीयू में सिर्फ स्टाफ और बेड की कुछ किल्लत है, बाकी सुविधाएं बेहतर हैं। यहां 12 बेड के एसएनसीयू में 2 वेंटीलेटर की जरूरत है, लेकिन एक ही है। इसके अलावा जच्चा बच्चा वार्ड में बच्चों के लिए 30 बेड उपलब्ध हैं।

थैलेसिमिया वार्ड बंद कर बना दी गई ओपीडी
एसएनसीयू व बच्चा वार्ड के साथ अस्पताल में काफी साल से थैलेसिमिया का वार्ड अलग चल रहा था, लेकिन 2 माह पहले एक डॉक्टर को एडजस्ट करने के लिए विभाग द्वारा थैलेसिमिया वार्ड बंद कर यहां ओपीडी वार्ड बना दिया है। अब खून बदलने के लिए यहां भर्ती बच्चों को अस्पताल के अन्य वार्ड में लेकर जाना पड़ता है। गंभीर बच्चों को अस्पताल में शिफ्टिंग के समय दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है।

बेहतर इलाज देने का है प्रयास : डॉ. जसवीर सिंह
उधर, सिविल सर्जन डॉक्टर जसवीर सिंह ने बताया कि होशियारपुर में जच्चा बच्चा वार्ड समेत एसएनसीयू में कोई परेशानी नहीं है । यहां का अस्पताल पंजाब के बहुत से अस्पतालों से अच्छा चल रहा है । उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से यहां बेहतर इलाज और सहूलियतें देने का प्रयास किया जा रहा है । स्टाफ की कमी को भी जल्द ही पूरा किया जाएगा । बेड की गिनती को भी बढ़ाया जा रहा है।

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            <figcaption>सिविल के एसएनसीयू में शनिवार को एक बेड पर भर्ती 2 नवजात। -भास्कर</figcaption>
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