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फौजी वर्दी पहन दो साल से छावनी क्षेत्र में घूम रहा शातिर गिरफ्तार [Source: Dainik Bhaskar]



सैन्य इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए जहानाबाद के इमलिया का रहने वाला शातिर रौशन कुमार सेना की वर्दी पहन करीब दो वर्षों से बिहार-झारखंड के छावनी क्षेत्र में घूम रहा था। फर्जी आईकार्ड और कैंटीन का स्मार्ट कार्ड दिखा वह लोगों के अलावा सैन्यकर्मियों को भी खुद को सेना का जवान बताकर झांसा देता रहा।

सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करता रहा। इस बीच दानापुर मिलिट्री अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मी के बेटे ने थाने में नौकरी के नाम पर रौशन द्वारा 4 लाख रुपए ठगने का मामला दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मिलिट्री इंटेलिजेंस से संपर्क कर गुरुवार को इस शातिर को बोधगया से दबोच लिया।

सोशल मीडिया पर डालता था वर्दी और हथियार के साथ फोटो

गिरफ्तार शख्स लोगों पर धौंस जमाने के लिए सेना की वर्दी और हथियार के साथ ली गई तस्वीर सोशल मीडिया पर डालता था। सैन्य वाहनों में बैठ कर ली गई तस्वीरों को भी उसने साझा किया। उसके मोबाइल में कई वीडियो मिले हैं जिनमें वह किसी अज्ञात जगह पर युवकों को सेना की तरह ट्रेनिंग देता दिख रहा है। पर सैन्य तौर तरीकों से वाकिफ नहीं होने से उससे एक चूक हो गई। उसकी अलग-अलग तस्वीरों में सेना के अलग-अलग कोर की वर्दी से जांच में जुटे मिलिट्री इंटेलिजेंस को उसके फर्जी होने का यकीन हो गया।

सैलरी खाता खुलवा लिया
पकड़े गए शातिर की पैठ इतनी हो गई थी कि दानापुर छावनी स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल के ओपीडी विभाग में आने वाले सैन्यकर्मियों और परिजनों की रजिस्ट्रेशन पर्ची बनाने का काम उसे दिया गया था। फर्जी दस्तावेजों के सहारे उसने रामगढ़ स्थित एसबीआई की शाखा में सेना के जवानों की तरह डिफेंस सैलरी पैकेज अकाउंट भी खुलवा लिया। उसमें भारी रकम की जमा और निकासी का पता चला।
फर्जी मुहर और दर्जनों प्रमाणपत्र बरामद

आरोपी के पास से सेना के फर्जी आईकार्ड और कैंटीन कार्ड के अलावा दानापुर स्थित सेना भर्ती कार्यालय की फर्जी मुहर बरामद हुई। दर्जनों युवकों और युवतियों के प्रमाणपत्र बरामद हुए। जिस साइबर कैफे संचालक की मदद से दस्तावेज बनवाए उसकी तलाश की जा रही है। आरोपी के मोबाइल का डाटा खंगालते हुए उसके भर्ती कार्यालय के किसी अधिकारी या कर्मी से संबंध का पता लगाया जा रहा है।
नक्सली क्षेत्रों में आने-जाने का चला पता

जांच में जुटी एजेंसियों को रौशन के गया और झारखंड के कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आने-जाने का पता चला है। वहीं उसके मोबाइल फ़ोन में सेना के दर्जन भर से ज्यादा जवानों के ऐसे आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं जिससे उसके द्वारा जवानों को मौज मस्ती के लिए लड़कियों के उपलब्ध कराने की आशंका जताई जा रही है। पूरी जांच के बाद यह पता चलेगा कि उसका किन लोगों से संबंध था और किन अवैध धंधों में लिप्त था।

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पकड़ा गया फर्जी जवान।

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