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तेज होती है चूहों की याददाश्त, पता लगा लेते हैं साथी कैसे मरे, 2 महीने याद रहती है घटना




कोरोना के चलते पंजाब का किसान धान की सीधी बिजाई कर रहा है। इस संबंधी पीएयू समय-समय पर ऑनलाइन किसानों को धान में आने वाली समस्या के नियंत्रण के बारे में बता रहा है। चूहों की रोकथाम पर डॉ. नीना सिंगला ने बताया कि जहरीली चोग डालने के कुछ घंटे बाद ही चूहे मरने शुरू हो जाते हैं।

इनमें से कुछ चूहे जिन्होंने दवाई नहीं खाई होती है या जिन्होंने कम खाई होती है वो बच जाते हैं। जहर से बचे हुए चूहों को मौत का कारण पता चल जाता है। उन्होंने बताया कि चूहों की याददाश्त बहुत तेज होती है और वो इस घटना को दो महीने से भी ज्यादा वक्त तक याद रखते हैं। इसलिए वो एक तरह की दवा को नहीं खाते।

किसान दूसरी बार अगर यही दवा डालना चाहे तो दो महीने के अंतराल के बाद ही डाले। पंजाब के खेतों में पांच किस्म के चूहे पाए जाते हैं। इनमें अंधा चूहा, भूरा चूहा, नरम चमड़ी वाला चूहा, झाड़ियों का चूहा और खेतों की चूहिया शामिल है। अगर मिट्‌टी के छोटे-छोटे ढेर दिखें तो समझो कि खेत में अंधा चूहा है।

चूहों की रोकथाम

अगर आपके खेत में चूहे हैं तो इन्हें चूहा मार दवा से खत्म करें। दवा डालने से एक शाम पहले मेढों (बट्‌टों) के ऊपर और आस-पास बने चूहों के गड्‌ढों को बंद कर दें। अगले दिन जब चूहे फिर से गड्‌ढों से मिट्‌टी निकाल दें तो इनमें कागज की ढीली पुड़ियों में जहरीली चोग रखकर इन्हें 6 इंच तक अंदर कर दें। उन्होंने बताया कि यह चोग के स्वाद पर निर्भर करता है कि चूहे उसे खाएंगे या नहीं।

ऐसे बनाएं चोग

2 प्रतिशत जिंक फॉस्फाईड वाली चोग बनाने के लिए किसान एक किलो बाजरा या गेहूं या मक्की या फिर तीनों का दरड़ लें। इसमें 20 ग्राम खाने वाला तेल (सरसों तेल नहीं) और 20 ग्राम चीनी मिलाकर अच्छी तरह से मिला दें। इसके बाद इसमें बरोमोडाइलौन पाउडर डालकर डंडे, खुरपे या हाथों में गलब्ज पहनकर मिलाएं। किसान ध्यान रखें कि जिंक फॉस्फाईड की चोग थोड़ी सी नमी में भी असरहीन हो जाता है इसलिए इसे हमेशा ताजा तैयार करें और पानी से बचाएं।

कद्दू वाले धान में नहीं रहते हैं चूहे

डॉ. नीना सिंगला ने बताया कि पहले खेतों में जुताई के बाद पानी भरकर कद्दू किया जाता था जिससे चूहों के बिल पानी से भर जाते थे और बिजाई के चलते टूट जाते थे जिससे ये खेत में कम नुकसान करते थे। अब चूंकी बड़ी संख्या में किसान सीधी बिजाई कर रहे हैं तो ऐसे में चूहों से होने वाले नुकसान की संभावना बढ़ गई है। इसलिए इनकी रोकथाम करना जरूरी है।

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