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डॉ विवेक ने कहा – नक्सलवाद है भारत के विरुद्ध चीन का युद्ध [Source: Patrika : India’s Leading Hindi News Portal]

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. नक्सलवाद चीन द्वारा प्रायोजित आतंकवाद है। माओवादी विचारधारा से प्रेरित नक्सलवादी आंदोलन को अपने भारत देश के अंदर अस्थिरता फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसलिए चीन का हमारे घर के अंदर घुस कर हमारे लोगों द्वारा ही हमारे सुरक्षा बलों की हत्या कराने की मानसिकता बनाने के षड्यंत्र को अब हम भारतीयों को समझना चाहिए। यह बात हिमालय के महर्षि कहलाने वाले जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्वामी विवेकानंद शोध पीठ के प्रमुख डॉ विवेक ने कहीं। डॉ विवेक भारत-तिब्बत समन्वय संघ की आयोजित ई-मीटिंग में अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने कहा कि तिब्बत कभी पराधीन न था बल्कि धर्म परायण व सशक्त इतना था कि चीनी राजा डर के मारे अपनी पुत्री का विवाह तिब्बती राजकुमार से करते रहे, लेकिन चीन में कम्युनिस्ट शासन से धीरे-धीरे धूर्तता और चालबाजियों से अपने पड़ोसी देशों को तबाह कर कब्जा करने लगा और अब वह पूरी दुनिया को तबाह कर रहा है।

इसके साथ ही कहा कि समन्वय संघ के उद्देश्यों की पूर्ति में वह अपने विचारों के साथ सदैव खड़े रहेंगे। इस ई-बैठक में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के विचार और सुझाव आए। इसके लिए राष्ट्रीय संयोजक हेमेंद्र तोमर (लखनऊ, अवध, उत्तर प्रदेश) ने उनका निराकरण करते हुए उन सब का मार्गदर्शन किया। तोमर ने कहा कि संघ की मूल शाखा के साथ उसके समवर्ती विभाग कुल दो और हैं। महिला शाखा व युवा शाखा। इन दोनों विभाग का गठन मूल शाखा की तर्ज पर होगा। इसके अलावा चार प्रभाग हैं। इन में प्रचार व आईटी प्रभाग, यात्रा प्रभाग, शोध एवं विकास विभाग और अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रभाग। आज से अन्य तीन प्रभाग की रचना की जा रही है। विधि प्रभाग, पर्यावरण प्रभाग और मानवाधिकार प्रभाग। इस प्रकार संगठन में अब कुल सात प्रभाग होंगे।

बैठक में वाराणसी (काशी प्रांत, उत्तर प्रदेश) से राष्ट्रीय मंत्री अरविंद केसरी ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष भर में संगठन को कब-कौन से काम करने हैं इसका भी खाका पहले से तय करना होगा। केशरी के सुझाव पर राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि संगठन के कार्यक्रम कैलेंडर बनाए जाने पर विचार करने का सुझाव स्वागत योग्य है हालांकि इस पर पहले से ही संगठन विचार कर रहा था और अब इस कार्य के लिए शोध व विकास प्रभाग को यह जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके लिए प्रखर त्रिपाठी (उत्तर प्रदेश) व पंकज कपाडिया (महाराष्ट्र) को 30 अप्रैल तक इस कार्य को पूरा करना होगा। यह दोनों लोग अपने स्तर से सुमन सारस्वत (महाराष्ट्र), डॉ त्सुण्डु डोलमा (हिमाचल प्रदेश), गोजुम माही नुडु (अरुणाचल प्रदेश) , रुचि त्रिपाठी, शैलजा, गौरव शर्मा (अलवर, राजस्थान) से सहयोग व अशोक मेंढे (नागपुर, महाराष्ट्र) व उमाकांत (बड़ौदा, गुजरात) से परामर्श लेंगे। प्रखर त्रिपाठी व पंकज कपाड़िया कलेंडर तैयार करके राष्ट्रीय महामंत्री सौरव सारस्वत को 30 अप्रैल तक सौंप देंगे। केशरी के अनुरोध पर राष्ट्रीय संयोजक ने काशी प्रांत के अध्यक्ष पद पर भूपेंद्र सिंह (बीएचयू) की नियुक्ति की घोषणा की।

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के द्विक्षेत्र सह संयोजक विवेक सोनी (वाराणसी, काशी प्रांत, उत्तर प्रदेश) ने अपनी बात रखते हुए आश्वस्त किया कि 30 अप्रैल से पहले उन के अधीन सातों प्रांतों में प्रांत अध्यक्ष व महामंत्री तय हो जाएंगे। गोरक्ष प्रांत के संरक्षक भागवत प्रसाद पांडेय (बस्ती, गोरक्ष प्रांत, उत्तर प्रदेश) ने भरोसा दिलाया कि 30 अप्रैल से पहले ही प्रांत की टीम गठित हो जाएगी। राष्ट्रीय सह संयोजक (प्रचार व आईटी) विजय मान (मेरठ,उत्तर प्रदेश) ने प्रभावी प्रचार को ले के सुझाव दिया। इस सुझाव से सहमति प्रकट करते हुए संजय कालिया (जालंधर,पंजाब) ने कहा कि पंजाब प्रांत में यह जिम्मेदारी वहन करने को पूरी तरह से तैयार है।

इस विषय पर राष्ट्रीय सह संयोजक (अंतरराष्ट्रीय संबंध) डॉ अमरीक ठाकुर (शिमला, हिमाचल प्रदेश) ने कहा कि उक्त सुझाव बहुत उत्तम है। इससे जानकारी प्रसारित करने में भ्रम नहीं होगा। डॉ ठाकुर ने कहा कि विवेक द्वारा दी गई “नक्सलवाद के पीछे चीन” वाली जानकारी को संगठन जनता के बीच प्रचारित करे। उत्तर-पूर्व राज्यों के क्षेत्र संयोजक कुंदन सिंह (गुवाहाटी-तेजपुर, आसाम) ने संघ की प्रस्तावित तवांग यात्रा का मास्टर प्लान अगले दो-तीन दिनों में प्रस्तुत करने को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व क्षेत्र के सभी प्रांतों की इकाई अनौपचारिक रुप से तैयार हो गई है।

बैठक में ये लोग रहे उपस्थित

संयोजक ने कहा कि प्रस्तावित टीमों के नाम भेजने के साथ ही औपचारिक स्वीकृति केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दे दी जाएगी। बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ सारस्वत (जयपुर, राजस्थान), राष्ट्रीय सहमंत्री सुमन भटनागर (ऋषिकेश, उत्तराखंड), राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य रुचि त्रिपाठी(लखनऊ, अवध प्रांत, उत्तर प्रदेश) राष्ट्रीय सहसंयोजक (शोध व विकास) प्रखर त्रिपाठी (लखनऊ, अवध प्रांत, उत्तर प्रदेश), राष्ट्रीय सह-संयोजक प्रचार व आईटी आशुतोष गुप्ता (लखनऊ, अवध प्रांत, उत्तर प्रदेश) व खुशबू जोशी (मुंबई, महाराष्ट्र) अवध प्रांत संरक्षक महेश नारायन तिवारी (लखनऊ, अवध प्रांत, उत्तर प्रदेश), अवध प्रांत अध्यक्ष कुशाग्र वर्मा (लखनऊ, अवध प्रांत, उत्तर प्रदेश) शैलजा (विजयनगर, कर्नाटक), डॉ वीरेंद्र पचौरी(भरतपुर, जयपुर प्रांत, राजस्थान) आदि उपस्थित रहे।

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