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कोरोना काल में डाक विभाग निभा रहा अहम् भूमिका, पढ़िए खबर [Source: Patrika : India’s Leading Hindi News Portal]

लखनऊ ,डाक विभाग नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ जहाँ कस्टमर फ्रेण्डली सेवाएँ लागू कर रहा है। वहीं कोरोना वैश्विक महामारी के दौर में डाककर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए कोरोना वॉरियर्स के रूप में अहम भूमिका निभाई। दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स, वेंटिलेटर से लेकर कोरोना टेस्टिंग किट्स तक जरूरतमंदों और अस्पतालों तक पहुँचाया, वहीं शहर से लेकर गाँव तक लोगों को उनके दरवाजे पर ही बैंक खातों से नकदी निकालकर देने का अभूतपूर्व कार्य कियाI अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी है।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने प्रवर डाक अधीक्षक कार्यालय के वार्षिक निरीक्षण के दौरान रिकार्ड के समुचित रख-रखाव एवं स्वच्छता पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से ग्राहकों से अच्छे व्यवहार और विभिन्न सेवाओं में आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर दिया। आजमगढ़ मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर योगेंद्र मौर्य ने पोस्टमास्टर जनरल का स्वागत कर मण्डल में डाक सेवाओं की प्रगति की जानकारी दी।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक विभाग पत्रों के साथ-साथ बचत बैंक, डाक जीवन बीमा, सुकन्या समृद्धि खाता, इण्डिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक, डाकघर पासपोर्ट सेवा केन्द्र, आधार नामांकन एवं अद्यतनीकरण जैसे तमाम जनोन्मुखी कार्य कर रहा है। पार्सल व कैश ऑन डिलीवरी के माध्यम से डाक विभाग अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा हैं। कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में आमजन को विभिन्न सेवाओं के लिए भटकना न पड़े और सारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें, इसके लिए अब डाकघरों में भी काॅमन सर्विस सेंटर की स्थापना की जा रही है।

यहाँ एक साथ केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों की 73 सेवाएँ मिलेंगी। एक अन्य सुविधा के रूप में अब पेंशनरों को जीवित प्रमाणपत्र जमा करने के लिए कोषागार या बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि घर बैठे डाकिया के माध्यम से बायोमेट्रिक डिवाइस द्वारा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जारी करवा सकते हैं। इसके लिए मात्र 70 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2018 में इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के शुभारम्भ के बाद आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत ग्रामीण पोस्टमैन चलते-फिरते एटीएम के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। आज़मगढ़ में इस वर्ष कोरोना के बीच लगभग 60,000 आईपीपीबी खाते खोले गए, वहीं 2 लाख 30 हजार लोगों को घर बैठे 66 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

विभिन्न उपमंडलों और डाकघरों के कार्य की समीक्षा के बाद पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि आज़मगढ़ मण्डल के डाकघरो में कोरोना के बीच लगभग 55 हजार बचत खाते, साढ़े तीन हजार बच्चियों के सुकन्या समृद्धि खाते व लगभग 59 हजार इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक खाते खोले गए। इस दौरान 68 गाँवों में सभी बालिकाओं के खाते खोलते हुए उन्हें सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि ग्राम बनाया गया। साढ़े तीन हजार लोगों का आधार इनरोलमेंट और 20 हजार लोगों का आधार अपडेट किया गया।

प्रवर डाकघर अधीक्षक योगेंद्र मौर्य ने बताया कि आज़मगढ़ व मऊ प्रधान डाकघरों में कॉमन सर्विस सेंटर शुरू होने के बाद शीघ्र ही अन्य डाकघरों में इसे आरम्भ किया जाएगा। अब तक 486 पेंशन धारकों का घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाया जा चुका है। आजमगढ़ डाक मण्डल में ग्राहकों से संवाद कर एवं मेले व कैम्प का लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा व्यवसाय अर्जित किया जायेगा।

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