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कैबिनेट में इस बार शिवराज के पसंदीदा चेहरे नहीं होंगे, भूपेंद्र सिंह और रामपाल समेत सात विधायकों के मंत्री बनने पर संकट के बादल




मध्य प्रदेश कैबिनेट विस्तार की प्रस्तावित सूची भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के रिजेक्ट किए जाने की चर्चाओं के बीचमुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहानदिल्ली से भोपाल वापस आ गए हैं। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से अपने पसंदीदा विधायकों की बजायनए चेहरों को मंत्री बनाने के लिए कहा है। अगर ऐसा होता है तो शिवराज के पिछले मंत्रिमंडल में शामिलरहे भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह, पारस जैन, विजय शाह,गौरीशंकर बिसेन और करण सिंह वर्मा का मंत्री बनना मुश्किल नजर आ रहा है।

शिवराज अपनी टीम में कुछ भरोसेमंद चेहरों को रखना चाहते हैं, मगर केंद्रीय नेतृत्व इससे सहमत नहीं है, इसलिए वे एक बार फिर सभी पक्षों पर खुलकर बात करना चाहते हैं। भाजपा से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री चौहान अपने इन विश्वस्त विधायकों को इस बार भी मंत्री बनाए जाने के पक्ष में थे। लेकिन, केंद्रीय नेतृत्व ने उनके प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। वरिष्ठ नेताओं की मंशा नए चेहरों को मौका देने की है। इस बारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को देर रात तक दिल्ली में मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से इस बारे में बात कर अपना पक्ष रखा। लेकिन, नड्‌डाने स्पष्ट शब्दों में मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका देने के लिए कहा। इतना ही नहीं, रात में ही नए चेहरे कौन से होंगे, उन पर विचार किया और नए नामों को अंतिम रूप दिया। इसके बाद सुबह मुख्यमंत्री दिल्ली से भोपाल के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री निवास पहुंचने के बाद शिवराज करीब एक घंटे बाद मंत्रालय पहुंच गए।

रामपाल, भूपेंद्र और विजय शाह के लिएभरसक कोशिश की

सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने सबसे ज्यादा विश्वस्त भूपेंद्र सिंह, रामपाल और विजय शाह को मंत्रिमंडल में शामिल कराने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। वरिष्ठ नेताओं ने उनकी बात भी गौर से सुनी। लेकिन, तीनों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए या नहीं- इस बारे में कुछ नहीं कहा।

भूपेंद्र सिंह
रामपाल सिंह
विजय शाह
गौरीशंकर बिसेन
गौरीशंकर बिसेन
करण सिंह वर्मा
राजेंद्र शुक्ला
राजेंद्र शुक्ला
पारस जैन

अब 1 जुलाई को मंत्रिमंडल विस्तार होना तय
पहले 30 जून को मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा था। बाद में यह तारीख टल गई। अब एक जुलाई को विस्तार होना माना जा रहा है। क्योंकि कल देवशयनी एकादशी है और इसके बाद करीब 5 महीने तक कोई भी शुभ कार्य नहीं हो सकेगा। ऐसे में एक जुलाई का दिन विस्तार के लिए तय है। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले लोगों के नाम पर अंतिम निर्णय बाकी है।

प्रभारी राज्यपाल की शपथ का कार्यक्रम तय नहीं
राज्यपाल लालजी टंडन के अस्वस्थ होने के कारण उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्य प्रदेश का प्रभार सौंपा गया है। सोमवार को उनके दोपहर में भोपाल आकर शपथ लेने की संभावना जताई जा रही थी। राजभवन में तैयारियां भी पूरी कर ली गईं थी। अचानक उनका आना निरस्त हो गया। मंगलवार दोपहर तक उनका भोपाल आने का कार्यक्रम निर्धारित नहीं हुआ है।

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            <figcaption>मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार सुबह भोपाल लौटे। एक घंटे बाद ही वे मंत्रालय में कामकाज संभालने पहुंच गए।- फाइल फोटो।</figcaption>
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