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कांग्रेस विधायक का आरोप- अस्पताल में वेंटीलेटर नहीं होने की वजह से हुई व्यापारी की मौत, प्रशासन जिम्मेदारDainik Bhaskar



विदिशा से कांग्रेस विधायक शशांक भार्गव ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार को मोबाइल व्यापारी की मौत वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं होने की वजह से हुई। उन्हें वेंटीलेटर के लिए भोपाल रेफर किया गया। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके विधायक ने आरोप लगाया कि अप्रैल महीने में ही मैं विधायक निधि से वेंटीलेटर खरीदने पत्र लिख चुका हूं लेकिन अब तक नहीं खरीदा गया। मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में वेंटीलेटर न होना शासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

शहर का एक व्यापारी वेंटीलेटर नहीं होने की वजह से खत्म हो गया। विधायक का कहना है कि शासन जिला अस्पताल के कोरोना पॉजीटिव मरीजों पर रोजाना एक मरीज पर 100 रुपए खर्च कर रहा था लेकिन अब 300 रुपए खर्च होंगे। विधायक ने कहा कि हमने अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर 28 जुलाई को आवाज उठाई तो हमारे खिलाफ ही प्रकरण दर्ज कर लिया गया। जबकि पुलिस धरना शुरू होने के पहले भी मना कर सकती थी।

शहर के लोगों को ठग रहा प्रशासन
विधायक शशांक भार्गव का कहना है कि शहर के समाज-सेवियों से मदद मांगी जा रही है। प्रशासन मदद मांगने के बहाने शहर के लोगों को ठग रहा है। जबकि शासन करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है फिर समाज-सेवियों से मदद मांगना कहां तक उचित है। विधायक का कहना है कि जिले में 12 हजार पीपीई किट आ चुके हैं इसके बाद भी पीपीई किट मांगी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को भोपाल रेफर किया जा रहा है। जबकि मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर उच्च शिक्षित हैं जो की भोपाल की तरह हैं। इसके बाद भी अस्पताल को रेफरल सेंटर बना दिया गया है। जो इलाज भोपाल में हो रहा है वैसा ही इलाज यहां के मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर कर सकते हैं लेकिन यहां इलाज की सुविधाएं नहीं है।

शुक्रवार को भोपाल में हो गई थी कारोबारी की मौत

विदिशा के बड़ाबाजार स्थित चूना वाली गली में मोबाइल रिपेयरिंग करने वाले 52 साल के एक दुकानदार की गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात भोपाल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कोरोना के संक्रमण से जिले में एक महीने के अंदर 3 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें सिरोंज के 70 साल का पुरुष और 40 साल की एक महिला भी शामिल हैं। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा.संजय खरे ने बताया कि विदिशा के जिस कोरोना पेशेंट की मौत हुई है, वह पिछले 3 दिनों से बुखार से पीड़ित था।

डॉ. खरे ने बताया कि रात में हमारे पास आने पर 2.30 घंटे में उनकी कई जांचें की गईं। समय कम था, इसलिए उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया था। भोपाल में ही कोरोना की जांच हुई तो वे वहां पॉजिटिव निकले थे। वहीं इलाज के दौरान उनकी मौत हुई।

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विदिशा से विधायक शशांक भार्गव ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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