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अंबिका एन्क्लेव सेकंड में बिजली-पानी कनेक्शन के लिए परेशान हाे रहे लाेग




यूआईटी की ओर से अप्रूव्ड काॅलाेनी अंबिका एन्कलेव सेकंड में बिजली व पानी की मूलभूत सुविधा लाेगाें काे नहीं मिल रही है। यहां के बाशिंदे बिजली व पानी के कनेक्शन के लिए दाेनाें विभागाें के दफ्तराें के चक्कर काट रहे हैं। यहां रहने वाले लाेगाें ने अब नगर विकास न्यास ऑफिस में काॅलाेनाइजर के खिलाफ काॅलाेनी में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाने की शिकायत दर्ज करवाते हुए जांच करवाकर दाेनाें काॅलाेनाइजराें के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

काॅलाेनी के लाेगाें ने बताया कि उन्हाेंने काॅलाेनी अप्रूव्ड हाेने के कारण ही यहां प्लाॅट खरीदकर मकान बनाए। लेकिन इसके बाद बिजली-पानी कनेक्शन के लिए संबंधित विभागाें से संपर्क किया ताे पता चला कि काॅलाेनाइजर की ओर से बिजली-पानी की मूलभूत सुविधाओं के लिए राशि भी जमा नहीं करवाई गई है।

काॅलाेनी में बिजली कनेक्शन के लिए मकान मालिकाें काे प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से हजाराें रुपए विद्युतिकरण के नाम पर जमा करवाने पड़ रहे हैं। जलदाय विभाग की ओर से पेयजल कनेक्शन देने से ही मना कर दिया गया है। पेयजल की सुविधा भी काेलाेनाइजर की ओर से ही दी जानी थी। लेकिन इसकी राशि भी नगर विकास न्यास में काॅलाेनाइजर की ओर से जमा नहीं करवाई गई है।

इस संबंध में यूआईटी में काॅलाेनाइजर के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। काॅलाेनी में बिजली पानी की सुविधा के लिए विधायक व जिला प्रशासन से भी मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। काॅलाेनी के बाशिंदे इस मामले काे लेकर अब न्यायालय की शरण में जाने का विचार कर रहे हैं।

टैंकराें से मंगवाना पड़ रहा है पानी

अंबिका एन्कलेव में रहने वाले लाेगाें काे यहां टैंकराें से पानी मंगवाना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था के लिए यहां के लाेग कैंपर मंगवाकर पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। लाेगाें का कहना है कि काॅलाेनाइजर की गलती का खमियाजा वे लाेग भुगत रहे हैं।

सड़काें व पार्काें का निर्माण भी खानापूर्ति

  • काॅलाेनी में सड़काें व पार्काें का निर्माण भी मात्र खानापूर्ति ही है। जाे काम वर्तमान में करवाया जा रहा है वह भी घटिया स्तर का है। न्यास अधिकारियाें के साथ काॅलाेनाइजर की मिलीभगत कर काॅलाेनी काे अप्रूड कर दिया गया है, जबकि काॅलाेनी में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं। इसका खमियाजा यहां मकान बनाकर रहने वालाें काे भुगतना पड़ रहा है। – विनाेद बिश्नाेई, अंबिका एन्कलेव सेकंड, श्रीगंगानगर।

यूआईटी व काॅलाेनाइजर के बीच का मामला है

  • यह काॅलाेनी पेयजल व्यवस्था के लिए जलदाय विभाग से जुड़ी हुई नहीं है। इस प्रकार काॅलाेनाइजर की ओर से बसाई जाने वाली काॅलाेनियाें में मूलभूत सुविधाओं के लिए काॅलाेनाइजर यूआईटी में राशि जमा करवाता है। यूआईटी संबंधित विभाग काे राशि हस्तांतरित करती है। इसके बाद ही काॅलाेनी में विभाग पेयजल सुविधा देता है। काॅलाेनी का मामला यूआईटी व काॅलाेनाइजर के बीच का है। – माेहनलाल अराेड़ा, एक्सईएन जलदाय विभाग।
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